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अभिनय, AI, गलत स्थान और पुरानी तस्वीर—2026 की असम बाढ़ से जुड़े चार वायरल दावों की जांच और आपदा संबंधी गलत सूचना पहचानने की व्यावहारिक सूची।

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60 सेकंड में पूरी बात

  • गुवाहाटी की बाढ़ में मृत लोगों का बताकर फैलाया गया वीडियो वास्तव में अभिनय करके बनाया गया था। BOOM ने इसका मूल वीडियो क्रिएटर Simran SK के 3 जुलाई के पोस्ट में खोजा।
  • छतों पर फंसे लोगों वाला दूसरा वीडियो कृत्रिम बुद्धिमत्ता से बनाया गया था। अलग-अलग जांचों में कई डिटेक्शन टूल ने इसे AI-निर्मित होने की 98.8 से 100 प्रतिशत तक संभावना बताई।
  • पानी में बहती इमारत का वीडियो वास्तविक था, लेकिन असम का नहीं। Newschecker और Fact Crescendo ने इसे जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले के बीरवाह की घटना बताया।
  • गले तक पानी में दो बच्चों को ले जाते व्यक्ति की तस्वीर अगस्त 2024 से इंटरनेट पर मौजूद थी और उसका संबंध बांग्लादेश की बाढ़ से बताया गया था। वह 2026 की असम बाढ़ की तस्वीर नहीं थी।
  • हमें दिए गए शुरुआती विवरण में केरल के एक वीडियो का उल्लेख था, लेकिन किसी मूल 2026 फैक्ट-चेक से इसकी पुष्टि नहीं हुई। इसलिए हमने उस दावे को प्रकाशित नहीं किया।

चित्र संबंधी सूचना: मुख्य चित्र AI से बनाया गया संपादकीय चित्रण है, जो जांच की प्रक्रिया समझाता है। यह असम बाढ़ की दस्तावेजी तस्वीर नहीं है।

वास्तविक आपदाओं के दौरान गलत संदर्भ बहुत तेजी से फैलता है। लोग तुरंत तस्वीरें देखना चाहते हैं, सोशल मीडिया नाटकीय सामग्री को आगे बढ़ाता है और पुराना या कृत्रिम वीडियो किसी के स्थान और तारीख जांचने से पहले कई भाषाओं में पहुंच जाता है। 2026 की असम बाढ़ में इसके चार अलग रूप दिखे—अभिनय करके बनाया गया दृश्य, AI वीडियो, सही वीडियो के साथ गलत स्थान और पुरानी तस्वीर को नया बताना।

1. कथित “मृत लोग” एक अभिनय वाले वीडियो के कलाकार थे

एक वायरल वीडियो में बहते पानी के बीच कई महिलाएं बेसुध पड़ी दिखाई दीं। पोस्ट में इसे गुवाहाटी में आई भीषण बाढ़ का दृश्य बताया गया। लेकिन वीडियो के प्रकाशन का इतिहास इस दावे से मेल नहीं खाता।

BOOM की 29 जुलाई की जांच में जागृति तृषा ने वीडियो के फ्रेम का रिवर्स सर्च किया। मूल वीडियो Simran SK के Instagram और Facebook खातों पर मिला, जहां इसे 3 जुलाई को हंसने वाले इमोजी के साथ पोस्ट किया गया था। BOOM ने खाते पर इसी तरह के अन्य नाटकीय कॉमेडी वीडियो भी पाए। प्रोफाइल में Simran SK ने स्वयं को डिजिटल क्रिएटर बताया था।

निष्कर्ष: यह अभिनय करके बनाया गया वीडियो था, जिसे गलत संदर्भ में फैलाया गया। इसमें दिख रहे लोगों को बाढ़ में मृत नहीं बताया जाना चाहिए।

2. छतों वाला बाढ़ वीडियो AI से बना था

दूसरे वीडियो में एक जैसे दिखाई देने वाले डूबे घरों की छतों पर लोग बैठे थे। कुछ पोस्ट ने दावा किया कि असम में बाढ़ ने 60 वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ दिया। यहां किसी वास्तविक स्थान का पुराना वीडियो नहीं था; दृश्य में ही कृत्रिम निर्माण के संकेत थे।

BOOM ने पानी की अस्वाभाविक गति, काल्पनिक दिखती बत्तखें, एक जैसी छतें और अचानक पानी में समाते घर जैसी गड़बड़ियां पहचानीं। Hive Moderation ने वीडियो के AI-निर्मित होने की 98.8 प्रतिशत संभावना बताई।

Newschecker की स्वतंत्र जांच में JP Tripathi ने भी ऐसी विसंगतियां दर्ज कीं। उसके परीक्षण में Hive Moderation ने 99.2 प्रतिशत, Deepfake-o-Meter के AVSRDD 2025 मॉडल ने 100 प्रतिशत और Sightengine ने 99 प्रतिशत संभावना बताई।

ये प्रतिशत किसी गणितीय प्रमाण की तरह नहीं हैं। AI डिटेक्टर गलत परिणाम दे सकते हैं। यहां उनका महत्व इसलिए है क्योंकि कई टूल के संकेत दृश्य गड़बड़ियों और विश्वसनीय मीडिया में मूल फुटेज न मिलने के साथ मेल खाते हैं।

निष्कर्ष: वीडियो AI से बना था और असम की वास्तविक बाढ़ का दृश्य नहीं था।

3. बहती इमारत वास्तविक थी, लेकिन जम्मू-कश्मीर में

एक अन्य वीडियो में तेज पानी से एक बहुमंजिला शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बहता दिखा। घटना वास्तविक होने के कारण गलत “असम” कैप्शन को पहचानना कठिन था।

Newschecker की 29 जुलाई की रिपोर्ट में Vasudha Beri और संपादक Kushel Madhusoodan ने फ्रेम का रिवर्स सर्च कर Greater Kashmir का 21 जुलाई का YouTube वीडियो खोजा। उसमें स्थान जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले का बीरवाह बताया गया था। Times of India की रिपोर्ट में भी वही फुटेज था और किसी के हताहत न होने की जानकारी दी गई थी। Fact Crescendo ने अलग जांच में भी यही स्थान पाया।

निष्कर्ष: फुटेज वास्तविक था, लेकिन स्थान गलत बताया गया था।

4. 2024 की तस्वीर को वर्तमान बताकर फैलाया गया

गले तक पानी में एक व्यक्ति द्वारा दो बच्चों को ले जाने की तस्वीर को मौजूदा असम बाढ़ का दृश्य बताया गया।

Fact Crescendo की 27 जुलाई की जांच में Debanjana Baishya ने रिवर्स इमेज सर्च के जरिए तस्वीर को बांग्लादेशी मीडिया की एक रिपोर्ट में पाया। उससे मिलता दृश्य 25 अगस्त 2024 को Facebook और 28 अगस्त 2024 को YouTube पर भी मौजूद था।

सुरक्षित निष्कर्ष इतना है कि यह सामग्री कम-से-कम अगस्त 2024 से ऑनलाइन थी और 2026 की असम बाढ़ को नहीं दिखा सकती। बांग्लादेश वाला स्थान Fact Crescendo द्वारा उद्धृत पुरानी मीडिया रिपोर्ट पर आधारित है।

शुरुआती सूचना में सुधार

HeadlineDecoded को मिले प्रारंभिक विवरण में केरल के एक बाढ़ वीडियो को असम का बताने का दावा था। हमने उस विशिष्ट दावे की पुष्टि करने वाली मूल 2026 फैक्ट-चेक रिपोर्ट खोजी, लेकिन नहीं मिली। प्रमाणित वर्तमान मामला बीरवाह, जम्मू-कश्मीर का है। बिना प्रमाण के केरल वाला दावा दोहराना उसी गलती को दोहराता, जिसकी यह लेख जांच कर रहा है।

चारों मामलों में समान पैटर्न

  • अभिनय: मनोरंजन वाले दृश्य को प्रत्यक्षदर्शी फुटेज जैसा पेश करना।
  • जनरेटिव AI: ऐसी घटना बनाना जो हुई ही नहीं।
  • स्थान बदलना: वास्तविक घटना को किसी अधिक चर्चित जगह का बताना।
  • समय बदलना: पुरानी सामग्री को वर्तमान घटना से जोड़ना।

इन सभी में दर्शक दृश्य तो देखता है, लेकिन उसके पास सही समय, स्थान और मूल स्रोत नहीं होता। गलत कैप्शन उसी खाली जगह को झूठी जानकारी से भर देता है।

आपदा से जुड़ी गलत सूचना पहचानने की सूची

  1. भावुक करने वाली पोस्ट पर रुकें। सदमा जांच करने का कारण है, तुरंत साझा करने का नहीं।
  2. दावे को ठीक से पढ़ें। कथित स्थान, तारीख और घटना अलग-अलग लिख लें।
  3. सबसे पुराना अपलोड खोजें। वीडियो के कई की-फ्रेम का रिवर्स सर्च करें।
  4. अकाउंट का इतिहास देखें। कॉमेडी, VFX या AI चैनल अक्सर दूसरे पोस्ट में अपना प्रारूप बताते हैं।
  5. भौतिक गड़बड़ियां देखें। हाथ, चेहरे, परछाईं, पानी, दोहराती इमारतें और बदलती गाड़ियों पर ध्यान दें।
  6. AI डिटेक्टर को सहायक संकेत मानें। केवल एक प्रतिशत के आधार पर फैसला न करें।
  7. स्थानीय मीडिया जांचें। भू-दृश्य, मौसम, इमारत और आधिकारिक जानकारी की तुलना करें।
  8. स्क्रीनशॉट के बजाय मूल स्रोत खोलें। काटे गए पोस्ट तारीख और क्रिएटर की सूचना छिपा देते हैं।
  9. अनिश्चितता ईमानदारी से लिखें। यदि केवल यह सिद्ध है कि वीडियो पुराना है, तो कोई अप्रमाणित स्थान न जोड़ें।
  10. फैक्ट-चेक के नाम पर झूठ को और न फैलाएं। गलत सामग्री दिखाने से पहले स्पष्ट चेतावनी दें।

स्रोत और कार्यप्रणाली

HeadlineDecoded ने ऊपर लिंक की गई BOOM, Newschecker और Fact Crescendo की मूल जांचों, उनके रिवर्स-सर्च निष्कर्षों, पुराने अपलोड और डिटेक्टर परिणामों की समीक्षा की। प्रारंभिक लेख विवरण को प्रमाण नहीं माना गया।

संक्षिप्त नाम और पूरे नाम

  • AI: Artificial Intelligence — कृत्रिम बुद्धिमत्ता
  • VFX: Visual Effects — दृश्य प्रभाव
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